एनडीपीएस एक्ट केस में आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज, मामला शुरुआती चरण में, पूछताच जरूरी: अदालत
Accused's Anticipatory Bail Rejected in NDPS Act Case
चंडीगढ़, 19 अप्रैल: Accused's Anticipatory Bail Rejected in NDPS Act Case, चंडीगढ़ में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में आरोपी रॉबिन खेड़ा की स्पेशल एनडीपीएस अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया ह।
मामले के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए लवप्रीत सिंह उर्फ लभू को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 178 ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ के दौरान लवप्रीत सिंह ने खुलासा किया कि वह रॉबिन खेड़ा के साथ रह रहा था और दोनों कथित रूप से नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त थे।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने दोनों के ठिकाने पर छापा मारा, लेकिन रॉबिन खेड़ा मौके से फरार हो गया। जांच में पता चला कि वह अपना मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान भी अपने साथ ले गया,
मामले की कड़ियों को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने एक अन्य आरोपी दीना नाथ को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से करीब 300 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क आपस में जुड़ा हुआ है और संगठित तरीके से नशे का कारोबार संचालित किया जा रहा था।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि रॉबिन खेड़ा का नाम केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर सामने आया है और उसके पास से कोई प्रत्यक्ष बरामदगी नहीं हुई है। इसलिए उसे अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।
वहीं, सरकारी वकील ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 (आपराधिक साजिश) भी लागू की गई है। ऐसे मामलों में गहन पूछताछ बेहद जरूरी होती है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामला अभी प्रारंभिक जांच के चरण में है और आरोपी से पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा ट्रायल के दौरान ही परखा जाएगा।
इन्हीं आधारों पर अदालत ने रॉबिन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।